42 ग्राम क्षत्रिय समाज में सामाजिक परंपराओं को समय के अनुरूप सरल और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य विक्रम जीत सिंह की माताजी के निधन के उपरांत आयोजित होने वाले बिरादरी भोज को लेकर आज मऊ के ताजोपुर स्थित कुटी पर 42 ग्राम क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष रामाशंकर सिंह के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब बिरादरी भोज दो दिनों के बजाय एक दिन का ही आयोजित किया जाएगा।
विक्रम जीत सिंह ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि बिरादरी भोज की परंपरा को दो दिनों के बजाय एक दिन तक सीमित किया जाए, ताकि अनावश्यक रूप से होने वाली समय, श्रम और धन की बर्बादी को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सामाजिक परंपराओं और बुजुर्गों के सम्मान को बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है, लेकिन समय के साथ उन परंपराओं में सकारात्मक बदलाव करना भी आवश्यक है, जिनसे समाज के लोगों को अनावश्यक आर्थिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विक्रम जीत सिंह ने कहा, "हम सभी अपने समाज, बुजुर्गों और परंपराओं का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ प्रथाओं में समय के अनुसार बदलाव लाना जरूरी है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए हमें ऐसे निर्णय लेने चाहिए, जिनसे लोगों का समय, श्रम और पैसा बचे तथा सामाजिक एकता भी मजबूत हो।"
उन्होंने इस अवसर पर 42 ग्राम क्षत्रिय समाज के सभी लोगों को 19 अक्टूबर 2026 को अपने आवास पर आयोजित बिरादरी भोज में सादर आमंत्रित करते हुए कहा कि समाज की एकता, आपसी भाईचारा और परस्पर सहयोग ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। परंपराओं का सम्मान करते हुए उनमें सकारात्मक बदलाव लाना समाज के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक है।
विक्रम जीत सिंह के इस प्रस्ताव पर बैठक में उपस्थित समाज के लोगों ने सहमति जताई। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि भविष्य में 42 ग्राम क्षत्रिय समाज का बिरादरी भोज एक दिन का ही आयोजित किया जाएगा। इस निर्णय से समाज में आपसी सहमति, एकता, आर्थिक बचत और समय के साथ सकारात्मक बदलाव की भावना को दर्शाता है। सामाजिक परंपराओं को बनाए रखते हुए उन्हें सरल बनाना ही एक जागरूक और प्रगतिशील समाज की पहचान है।
बैठक में रमाशंकर सिंह, सूर्यभान सिंह, केदार सिंह, शिवशंकर सिंह, विजय प्रताप सिंह, वीरभद्र सिंह, रंजीत सिंह, अतुल सिंह, शैलेश सिंह सहित सैकड़ों चौधरी एवं समाज के अन्य साथी उपस्थित रहे।
