मऊ। केंद्र सरकार द्वारा आयकर विभाग की कर-वसूली प्रक्रिया में व्यापारियों की गिरफ्तारी से संबंधित प्रावधान हटाए जाने के निर्णय का व्यापारी समाज में सर्वत्र स्वागत किया जा रहा है।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ. राम गोपाल गुप्त ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय संदीप बंसल द्वारा लंबे समय से कर बकाया की वसूली के लिए व्यापारियों की गिरफ्तारी के प्रावधान का निरंतर विरोध किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि CBDT द्वारा आयकर नियम, 2026 के नियम 225 (Rule 225), जो कर बकाया की वसूली की प्रक्रिया से संबंधित है, में संशोधन करते हुए कर-वसूली के लिए व्यतिक्रमी की गिरफ्तारी एवं निरोध संबंधी प्रावधानों को हटा दिया गया है। यह संशोधन 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी किया गया है।
डॉ. गुप्त ने कहा कि भारत सरकार द्वारा व्यापारियों की मांगों का सम्मान करते हुए किया गया यह संशोधन व्यापारी समाज के लिए राहत देने वाला कदम है। इससे आयकरदाताओं, विशेषकर व्यापारियों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी।
जिला महामंत्री कन्हैया लाल जायसवाल ने कहा कि सरकार के इस कदम से आयकरदाताओं और विशेषकर व्यापारियों में उत्साह एवं खुशी व्याप्त है। कर वसूली की प्रक्रिया में किए गए इस संशोधन से व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर अजहर फैजी, महातम यादव, सुभाष कन्नौजिया, एकबाल अहमद, गामा यादव, हरिशंकर गुप्ता, अशोक सिंह, विनय जायसवाल, मनोज गुप्ता, अतुल मद्धेशिया, संजय विश्वकर्मा, अनिल शर्मा अजय मिश्र अरविंद सिंह, हाजी जावेद तरफदार, राजेश गुप्ता, दिनेश बरनवाल, हाजी इफ्तेखार, हाजी अनवर अली आदि मौजूद रहे।
