पिपरीडीह रेलवे अंडरपास को मिली मंजूरी, ग्रामीणों में खुशी की लहर


मऊ। वर्षों से अंडरपास की मांग कर रहे पिपरीडीह क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वाराणसी–भटनी रेलखंड पर पिपरीडीह गांव के सामने रेलवे अंडरपास निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
जानकारी के अनुसार, सितंबर 2021 में रेलवे ने पिपरीडीह गांव के सामने स्थित रेलवे फाटक बंद कर दिया था। इसके बाद पिपरीडीह, हासपुर, मड़ईया, फुलवरिया और नई बस्ती समेत करीब 5 हजार की आबादी का क्षेत्रीय बाजार से सीधा संपर्क टूट गया। ग्रामीणों को बाजार और पशु चिकित्सालय जाने के लिए 6 से 8 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता था।
अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर पिपरीडीह निवासी एवं भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता ने दिसंबर 2025 में माननीय उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने न्यायालय के समक्ष ग्रामीणों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से रखा। इसके बाद भारत सरकार की ओर से 17 जुलाई 2026 को रेलवे बोर्ड ने अंडरपास निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी। बताया गया कि 20 जुलाई 2026 से दो से तीन माह के भीतर निर्माण एजेंसी का चयन कर कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
रविवार को वाराणसी से ट्रेन द्वारा पिपरीडीह स्टेशन पहुंचे वादी राकेश कुमार गुप्ता का ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य स्वागत किया। हजारों लोगों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और अंडरपास निर्माण की स्वीकृति को क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया।
स्वागत समारोह में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल मऊ के जिलाध्यक्ष अजय साहू, वैश्य समाज महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष कृष्णा खंडेलवाल, अर्चना बर्नवाल, अमित सिंह, आनंद सिंह 'गुड्डू', गिरीश बर्नवाल, रजापत राम, अंबिका यादव, अंकित राम, रामजीत चौहान, पंचम चौहान, असगर अहमद, राजेश पांडेय, धीरेन्द्र मौर्य सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
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