मऊ में ‘सक्षम परियोजना’ कार्यशाला का भव्य समापन, युवाओं व महिला उद्यमियों को मिला आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण

मऊ। बजाज फिनसर्व एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘सक्षम परियोजना’ के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय वित्तीय साक्षरता, डिजिटल जागरूकता एवं उत्पाद विकास प्रशिक्षण कार्यशाला का सोमवार को पहाड़पुरा, मऊ में सफलतापूर्वक समापन हो गया।

कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय युवाओं एवं महिला उद्यमियों को वित्तीय साक्षरता, डिजिटल तकनीक और उत्पाद विकास से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना था।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश बुनकर वाहिनी के अध्यक्ष इक़बाल अहमद ने कहा कि बदलते दौर में छोटे उद्यमियों और कारोबारियों को आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसे माध्यम छोटे व्यवसायों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आनन्द कुमार ने कहा कि डिजिटल तकनीक आज जीवन और व्यवसाय का अभिन्न अंग बन चुकी है। उन्होंने प्रतिभागियों से नई तकनीकों को सीखकर अपने कार्यों में अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया, ताकि वे प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सफलता प्राप्त कर सकें।

संस्थान के परियोजना सहायक अधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि बजाज फिनसर्व की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मऊ, वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर और अयोध्या सहित गुजरात के विभिन्न जिलों में ‘सक्षम परियोजना’ संचालित की जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ पृथ्वी राज चौहान ने प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं, बीमा योजनाओं, बजट प्रबंधन, बचत की आदत, डिजिटल लेन-देन तथा व्यवसाय विस्तार के महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। समापन अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसकी अतिथियों ने सराहना करते हुए उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया गया, जिससे क्षेत्र के अनेक युवाओं और महिला उद्यमियों को अपने कौशल का विकास करने तथा व्यवसायिक ज्ञान बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ। आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार और उद्यमिता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होंगे।
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