अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अधिरोहण संस्था द्वारा श्रमिक भाई-बहनों के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए श्रमिक स्त्री-पुरुषों के बीच मिट्टी के घड़े (जल पात्र) वितरित किए गए, ताकि उन्हें शुद्ध और ठंडा जल उपलब्ध हो सके।
कार्यक्रम की संस्थापिका ज्योति सिंह ने कहा कि –
"मजदूर शब्द नहीं, बल्कि ‘श्रमिक’ एक सम्मान है। हर वह स्त्री-पुरुष जो अपनी आजीविका चलाने के लिए परिश्रम करता है, वह समाज की रीढ़ है।"
सहयोगी शारदा त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि श्रमिकों का सम्मान केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन होना चाहिए। उनके श्रम से ही समाज का निर्माण और विकास संभव है।
इस दौरान श्रमिकों को न केवल घड़े वितरित किए गए, बल्कि उन्हें सम्मानित करते हुए उनके योगदान के प्रति आभार भी व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने श्रमिकों के प्रति सम्मान और सहयोग का संकल्प लिया।
"जो अपने पसीने से धरती को सींचते हैं,
वही हमारे जीवन में ठंडक और सुकून भरते हैं।
मजदूर नहीं, वो हमारे समाज के सच्चे निर्माता हैं।"
