मऊ: नजरबंदी को लेकर आम जनता पार्टी का विरोध, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल


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मऊ। मऊ जनपद के बसारतपुर (थाना दोहरीघाट) में मऊ पवनी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं आम जनता पार्टी “सोशलिस्ट” के राष्ट्रीय सचिव श्याम मनोहर उर्फ हिटलर विश्वकर्मा को पुलिस प्रशासन द्वारा उनके आवास पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आया है।
इस पर आम जनता पार्टी “सोशलिस्ट” के प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार चौहान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज खत्म हो चुका है और जंगलराज व अराजकता का माहौल है।
उन्होंने बताया कि गाजीपुर जनपद के करंडा थाना क्षेत्र में हुई निशा विश्वकर्मा हत्याकांड के मामले में समाजवादी पार्टी के एक विधायक मृतका के परिजनों से शोक संवेदना व्यक्त करने गए थे, जहां कथित तौर पर स्थानीय सत्ता पक्ष समर्थकों द्वारा पथराव कर विधायक और उनके समर्थकों को घायल कर दिया गया, लेकिन इस पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
राजकुमार चौहान ने आगे कहा कि 1 मई 2026 को आम जनता पार्टी द्वारा सर्वोदय डिग्री कॉलेज से तहसील मुख्यालय घोसी तक शांति मार्च और कैंडल मार्च निकालने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन प्रशासन ने अनुमति देने के बजाय उनके नेता को घर में ही नजरबंद कर दिया, जो लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
उन्होंने कहा, “जिस देश में सदन के सदस्य सुरक्षित नहीं हैं, वहां आम आदमी की सुरक्षा की क्या गारंटी है?”
चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2027 के चुनाव में अति पिछड़ा समाज भाजपा को सत्ता से बाहर करेगा और आम जनता पार्टी निशा हत्याकांड के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी।