मऊ। आमजन को सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से माननीय उच्चतम न्यायालय की मंशा के अनुसार देश के प्रत्येक जनपद में स्थाई लोक अदालत की स्थापना की गई है।
उसी क्रम में अपने जनपद में न्यायाधीश हीरा लाल ने अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष रूप में अपना पदभार ग्रहण किया।
हीरा लाल जी इसके पूर्व प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुल्तानपुर एवं रायबरेली तथा अपर जनपद न्यायाधीश के रूप में गाज़ियाबाद रायबरेली, एटा में रहें है। गोरखपुर एवं बरेली में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के रूप में अपनी सेवाएं दिए है।
पद भार करने के उपरांत हीरा लाल ने बताया कि स्थाई लोक अदालत में वायु, विजली, सड़क, जलमार्ग, द्वारा यात्रियों या माल वाहन यातायात सेवा, डाक, तार, टेलीफोन के साथ औषधालय सेवा व शैक्षणिक संस्थान, बैंकिंग व वित्तीय सेवा के साथ ही सार्वजनिक जल संरक्षण व स्वच्छता प्रणाली बीमा, भू संपदा के साथ आदि जन उपयोगी सेवा सम्बन्धित मामले देखे जाते हैं।
श्री हीरा लाल ने बताया कि स्थाई लोक अदालत में जनउपयोगी सेवाओं से पीड़ित कोई भी व्यक्ति निःशुल्क

आवेदन कर न्याय प्राप्त कर सकता है।
आवेदन कर न्याय प्राप्त कर सकता है।
इस दौरान स्थायी लोक अदालत न्यायपीठ के सदस्य विकास भाई निकुम्भ, अभिषेक कुमार गौरव, पेशकार निखिलेश पाठक उपस्थित रहें।
