शारदा सेवा संस्थान, मऊ द्वारा रविवार को नगरपालिका कम्युनिटी हॉल, मऊ में "यूपी यूथ प्रोजेक्ट" के अंतर्गत युवा महोत्सव एवं सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में संवैधानिक मूल्यों की समझ, सामाजिक सहभागिता तथा रचनात्मक नेतृत्व क्षमता को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित लगभग 300 गणमान्य अतिथि एवं युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे। इस दौरान विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, युवाओं के विचारोत्तेजक वक्तव्य तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि श्री भारत भूषण (सचिव, पानी संस्थान, अयोध्या) ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि संविधान सभी के लिए समान रूप से अनुकूल है और युवा पीढ़ी को इसके व्यावहारिक उपयोग पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल "शास्त्री" नहीं बल्कि "मिस्त्री" बनकर समाज में वास्तविक और ज़मीनी बदलाव लाएं।
ग्रामीण विकास संस्थान के सचिव शमीम अब्बासी ने कहा कि यूपी यूथ प्रोजेक्ट के माध्यम से युवा संविधान को समझ रहे हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं जीशान जी सचिव,(एक सोच फाउंडेशन) लखनऊ ने कहा कि युवाओं के बीच परिवर्तन की जो शुरुआत हुई है, उसका प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है और इसका दीर्घकालीन असर समाज पर अवश्य पड़ेगा।
नगरपालिका परिषद अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि ,अरशद जमाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
संस्थान के सचिव रुद्र प्रताप ने संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यूपी यूथ प्रोजेक्ट के अंतर्गत 5 ग्राम पंचायतों में 262 युवाओं के साथ संवैधानिक मूल्यों पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों तथा "सुरक्षित बच्चे–सुरक्षित परिवार" की अवधारणा पर भी विस्तार से जानकारी दी और आगामी रणनीति प्रस्तुत की।
कार्यक्रम में युवाओं की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
खुशी कौशिक ने अपने वक्तव्य में एकता का संदेश दिया, जबकि संध्या यादव ने "वी द पीपल" गीत की प्रस्तुति देकर "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। अन्य युवाओं द्वारा भी प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस अवसर पर "पूर्वांचल गौरव सम्मान" से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से—
भारत भूषण (सचिव, पानी संस्थान, अयोध्या) – समाज सेवा
राजदेव चतुर्वेदी (सचिव, ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान, आज़मगढ़) – ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा
रतन लाल – कला एवं संस्कृति
शमीम अब्बासी (सचिव, ग्रामीण विकास संस्थान) – समाज सेवा एवं महिला विकास
बालचंद त्यागी – पत्रकारिता
जीशान जी (सचिव, एक सोच फाउंडेशन, लखनऊ) – संवैधानिक मूल्य
एस. सी. तिवारी – स्वास्थ्य सेवा
रामलेश मौर्य – कृषि एवं जैविक खेती
कार्यक्रम के अंत में युवाओं को "दीपांत पथ" नाम से संवैधानिक मूल्यों की इस यात्रा में सहभागिता हेतु प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
