विद्युत आपूर्ति कल से रहेगी बाधित, निकाला मशाल जुलुस

संयुक्त संघर्ष समिति के केन्द्रीय आह्वान पर उर्जा के शीर्ष प्रबन्धन के नाकारात्मक रवैये और हठ धर्मिता के कारण उ0प्र0 उर्जा विभाग के समस्त सेवा संगठन एक साथ आन्दोलन के लिए लामबन्द हुए।
उ0प्र0 के बिजली कर्मी हड़ताल के लिए मजबूर किये जा रहे हैं उ0प्र0 के उर्जा निगमों के शीर्ष प्रबन्धन के तानाशाही पूर्ण एवं अलोकतांत्रिक,दमनात्मक रवैया पारेषण के नीजीकरण की कोशिशों और वर्षों से लम्बित अपनी समस्याओं को लेकर बिजली कर्मियों नें विगत वर्ष नवम्बर 2022 में कार्य बहिष्कार आन्दोलन प्रारम्भ किया था। जिसके बाद प्रदेश के उर्जा मंत्री मा0 अरविन्द कुमार शर्मा और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहाकार मा0 श्री अवनीश अवस्थी की अध्यक्षता में उ0प्र0 कर्मचारी संघर्ष समिति से हुयी वार्ता में, हुए लिखित समझौते बाद मा0 उर्जामंत्री के अपील पर कार्य बहिष्कार आन्देालन विगत 3 दिसम्बर 2022 को स्थगित कर दिया गया था। उर्जा निगमों के चेयरमैन 3 दिसम्बर का लिखित समझौता मानने को तैयार नही हैं। और उनका दमनात्मक रवैया यथावत जारी है।
अतः आज दिनांक 14.03.2023 को सायं 5 बजे संयुक्त संघर्ष समिति के केन्द्रीय नेतृत्व के आह्वान पर विशाल मशाल जुलुस निकाला गया।
15 मार्च 2023 प्रातः 10 बजे से 16 मार्च की रात्रि 10 बजे तक कार्य बहिष्कार होगा और 16 मार्च की रात्रि 10 बजे से 72 घण्टे की पूर्ण हड़ताल होगी । इस दौरान होने वाले किसी भी विद्युत असुविधा के लिए मुख्य रूप से शीर्ष प्रबन्धन एवं मा0 उर्जा मंत्री जिम्मेदार होगें।
सभा का सम्बोधिन मुख्य रूप सेे सूर्यदेव पाण्डेय ने किये व प्रदीप सिंह, देवेन्द्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियन्ता आनन्द कुमार पाण्डेय, अधिशासी अभियन्ता प्रथम अभिनव तिवारी, सहायक अभियन्ता प्रकाश सिंह, कमलेश श्रीवास्तव, अमित गुप्ता, कुबेर लाल, संजय मणि त्रिपाठी व संतोष सिंह,रविन्द्र कुमार यादव, मिथिलेश यादव, व सुमित, ओमप्रकाश कुशवाहा, माधुरी, प्रिया, राजकुमार यादव, रविन्द्र यादव, अश्वनी कुमार, राकेश आदि लोग उपस्थित रहे।