मऊ । स्थानीय थाना क्षेत्र के दुबारी पुलिस चौकी अन्तर्गत आस्था के प्रतीक ब्रम्ह बीरा बाबा के मंदिर परिसर में गुरुवार को स्थित राम जानकी मंदिर का जर्जर दिवाल गिरते ही दीवार के मलवे को हटाते समय प्राचीन समय की दो मूर्तियां पाईं गई है। हालांकि यह स्पष्ट नही है कि किस काल की किस देवता की मूर्ति है। इसको लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इसकी जानकारी होते ही क्षेत्र के लोगों की भीड़ देखने को उमड़ पड़ी। आस्था से जुड़े लोग मूर्ति की पहचान करने में जुटे रहे। लेकिन यह किस देवता की मूर्ति है। स्पष्ट नहीं हो सका।
मधुबन थाना क्षेत्र के दुबारी पुलिस चौकी अन्तर्गत ब्रह्म बीरा बाबा का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था एवं विश्वास का प्रतीक है। मान्यता है कि सच्चे दिल से यहां मत्था टेकने वालों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। यहां प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को श्रद्धालुओं का रेला पूजन-अर्चन के लिएउमड़ता है। मंदिर परिसर में सैकड़ों साल पुरानी राम-जानकी मंदिर स्थापित है, जो जर्जर हो चुका है। जिसकी आंशिक दिवार गिर गई। दीवार के मलवे हटाने के दौरान पुरानी पत्थर की दो मूर्तियां पायी गई है। लेकिन यह किस काल एवं किस देवी देवता की है। पुष्टि नहीं हो पाया है, वहीं पमूर्तियों की श्रद्धालुओं दने पूजा अर्चन शुरू कर दिया। इस संबंध में मंदिर के पुजारी पीयूष पर्वत ने बताया कि मूर्तियों की पहचान न होने की दशा में इसकी सूचना पूरातत्व विभाग को दी जायेगी। जिनके शोध के बाद ही प्रमाणित हो पायेगा कि यह प्रतिमाएं किस देवी देवता एवं किस काल की है।

