मऊ -युवाओं को भी अपनी चपेट में लेने लगा है अर्थराइटिस रोग:- डा0 राहुल कुमार

 शारदा नारायन हास्पिटल में विश्व गठिया दिवस के अवसर पर रोटरी क्बल मऊ व शारदा नारायन हास्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में एक जनजागरूकता कार्यक्रम अयोजन किया गया जिसमें शारदा नारायन हास्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा0 राहुल कुमार ने कहा कि आज की बदलती जीवनशैली, मोटापा, गलत खानपान के कारण गठिया यानी अर्थराइटिस रोग युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। पिछले बीस साल में इसके मरीजों की संख्या में करीब पचास प्रतिशत की वृद्धि हुई है। भारत में यह रोग मधुमेह के बाद सबसे तेजी से फैल रहा है। सिर्फ भारत की बात करें तो यहां लगभग 15 प्रतिशत लोगों में गठिया रोग पाया जाता है।
डा0 राहुल कुमार ने कहा कि हर साल 12 अक्तूबर को गठिया दिवस मनाया जाता है। पहली बार दुनियाभर में विश्व गठिया दिवस 12 अक्तूूबर 2013 को मनाया गया। विश्व गठिया दिवस चिकित्सा समुदाय, मरीजों और आम जनता के बीच इस बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। गौरतलब है कि गठिया को संधि शोथ या जोड़ों में दर्द के रोग के रूप में भी जाना जाता है।गठिया के तहत रोगी के एक या कई जोड़ों में दर्द, अकड़न या सूजन आ जाता है।इस अवसर पर शारदा नारायन हास्पिटल के न्यूरो सर्जन डा0 रूपेश के0 सिंह ने कहा कि इस रोग में जोड़ों में गांठें बन जाती हैं और शूल चुभने जैसी पीड़ा होती है। इससे बचाव के बारे में बोलते हुए डा0 रूपेश के0 सिंह ने कहा कि चीनी का सेवन कम करने की कोशिश करें, क्योंकि इसमें कैलोरी विशेषकर शीतल पेय, तैयार आहार और मिष्टान्न (मीठे खाद्य पदार्थों, जैसे कि मिठाई और चॉकलेट) में कैलोरी में अधिक होती है।वयस्कों के लिए नमक का सेवन प्रतिदिन पांच ग्राम से कम होना चाहिए।अत्यधिक नमक के कारण उच्च रक्तचाप हो सकता है, जिससे हृदय रोग और ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ता है। अन्त में शारदा नारायन हास्पिटल के क्रिटिकल केयर स्पेश्यिस्टि डा0 सुजीत सिंह ने कहा कि शारदा नारायन हास्पिटल और रोटरी क्लब मऊ आगे भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम करता रहेगा। इस अवसर पर,डा0 एकिका सिंह, डा0 गौतम कुमार डा0 सुप्रिया,,मनीष,हामिद आदि उपस्थित रहे।