मऊ के अभिषेक 240वीं रैंक प्राप्त कर बने आईएएस।

 


यूपीपीसीएस 2019 के परीक्षा परिणाम में डिप्टी कलेक्टर के पद में छठवीं रैंक प्राप्त करने वाले अभिषेक कुमार सिंह ने अपने लक्ष्य का संधान करते हुए सिविल सेवा परीक्षा 2020 के परीक्षा परिणाम में 240 वीं रैंक प्राप्त करके आईएएस बन गए हैं। वर्तमान में अभिषेक कुमार सिंह डिप्टी कलेक्टर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उनका शुरू से ही आईएएस बनने का लक्ष्य था। और उन्होंने इस दिशा में अपना अध्ययन लगातार जारी रखा।

उल्लेखनीय है कि 3 दिसंबर 1991 को  जन्में अभिषेक कुमार सिंह की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा रतनपुरा स्थित एवरग्रीन स्कूल से हुई। इसके बाद उनका चयन सैनिक स्कूल लखनऊ के लिए हो गया। जहां से उन्होंने आगे की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद  बाबा बनारसी दास विश्वविद्यालय लखनऊ से उन्होंने वर्ष 2010 से 2014 तक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया। इस दौरान 14 दिसंबर 2014 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नासिक शाखा में सहायक प्रबंधक के रूप में उनका चयन हो गया। जहां पर उन्होंने नासिक, लातूर, औरंगाबाद और मुंबई में अपनी सेवाएं दी। इस बीच उन्हें लगा कि स्टेट बैंक में उन्हें सेवा के दौरान प्रगति के बहुत ही अवसर प्राप्त होंगे। परंतु लक्ष्य के अनुरूप उन्हें जब काफी कुछ नहीं मिला तो उन्होंने अपना सारा ध्यान सिविल सर्विसेज के तरफ लगाया, और प्रबंधन से उन्होंने एक्स्ट्रा लिव की स्वीकृति के बाद सिविल सेवा की तैयारी में लग गए। 1 वर्ष तक उन्होंने दिल्ली में रह करके आईएएस और यूपी पीसीएस की तैयारी में लगे रहे, और प्रतिदिन  8 घंटे अध्ययन में अपना समय लगाते थे। और यह तैयारी वह सामान्य गति से ही करते थे ।तैयारी अपनी शेड्यूल वाइज करते थे, ताकि उन्हें कंपटीशन में वह चैप्टर न छूट जाए जिसको लेकर उनके मन में पछतावा रहे। और इसके लिए वे हमेशा सकारात्मक पक्ष को मजबूत रखा। जिसके चलते उन्हें भारी सफलता प्राप्त हुई । उनकी बहन अर्चना सिंह भी भारतीय स्टेट बैंक में स्केल थर्ड  ब्रांच में शाखा प्रबंधक है। अभिषेक कुमार सिंह के माता,पिता सहायक अध्यापक हैं।

उन्होंने अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने पिता श्री बालमुकुंद सिंह और माता श्रीमती उषा सिंह को देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में इनका सकारात्मक मार्गदर्शन सदैव प्राप्त होता रहा। लेकिन माता पिता ने उन पर कभी अनावश्यक दबाव नहीं बनाया। इसलिए उन्हें सकारात्मक वातावरण में सामान्य ढंग से अपनी तैयारी करने में सफलता प्राप्त हुई ।उन्होंने कहा कि सिविल सर्विसेज में अभ्यर्थियों को कला विषय का चयन करना चाहिए ।इससे उन्हें अपनी तैयारी करने में पूरी सहायता मिलती है ।उन्होंने यह भी बताया कि वह बचपन से ही हिंदी और अंग्रेजी अखबारों के पाठक रहे हैं ।यद्यपि उनकी शिक्षा-दीक्षा अंग्रेजी माध्यम से हुई है, परंतु हिंदी अखबारों के जरिए व्याकरण और वर्तनी की सुधार तथा लेखों के माध्यम से अपनी जिज्ञासा शांत करते थे। और उससे बहुत कुछ सीखते थे। अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि 2013 बैच के आईएएस राजकमल यादव उनके प्रेरणास्रोत रहे ।उनसे जब एक बार मुलाकात हुई और घंटों बातचीत हुई तो उनके जेहन में आया कि बैंकिंग के क्षेत्र में आशा के अनुरूप जब अपेक्षाएं पूरी नहीं हो रही हैं ,तो उन्हें सिविल सेवा में भाग्य आजमाना चाहिए। और इस तरह से अपने माता पिता तथा राजकमल यादव के प्रेरणा से उन्हें यह सफलता प्राप्त हुई।उन्होंने भावी युवा पीढ़ी से जो सिविल सेवा की तैयारी में लगे हुए हैं ,उनसे कहा कि वे अपने सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर लगे रहे। मन में नकारात्मकता को पनपने न दें, और लक्ष्य के प्रति सतर्क होकर के तैयारी करें। क्योंकि सफलता के लिए कोई शार्टकट रास्ता नहीं होता है ।उसके लिए कठोर परिश्रम के साथ-साथ लक्ष्य के प्रति लगातार संघर्ष करते रहना चाहिए। सफलता अवश्य प्राप्त होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आईएएस परीक्षा में उनकी अलग से कोई तैयारी नहीं थी, लेकिन पूरे आत्मविश्वास के साथ वह अपने लक्ष्य के प्रति सतर्क रहें ,और पूरे जुनून और हिम्मत के साथ इसकी तैयारी में लगे रहे। जिसकी वजह से उन्हें सफलता हाथ लगी। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी अपने क्यूरेटिव को जिंदा रखें ,तभी वह अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकता है।

उन्होंने कहा कि आईएएस का प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद वह समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा समाज के कमजोर वर्गों के लिए वह सदैव कार्य करते रहेंगे ।ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनके शिक्षा दीक्षा का सही लाभ मिल सके। जिससे वह अपनी प्रतिभा का बेहतर ढंग से सदुपयोग कर सकें। यही  उनकी प्राथमिकता है। वह अपने तरफ से समाज के लोगों को बेहतर देने का पुरजोर प्रयास करेंगे। अभिषेक कुमार सिंह के लिए वर्ष 2019 एवं 2020 काफी सौभाग्यशाली रहा ।जहां वे 2019 में डिप्टी कलेक्टर बने तो वहीं 2020 में उनका चयन आईएएस के लिए हुआ। अभिषेक सिंह का पूरा परिवार उनकी सफलता को उनके जन्मदिन 3 दिसंबर को पूरी तैयारी के साथ सेलिब्रेट करेगा। और उनकी सफलता का जश्न मनाएगा। सिविल सर्विसेज 2020 का परिणाम आने के बाद अभिषेक कुमार के पिता श्री बालमुकुंद सिंह के आवास पर उनके शुभचिंतकों, मित्रों, रिश्तेदारों द्वारा लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।