उत्तर प्रदेश सेतु निगम की ओर से शहर के बालनिकेतन रेलवे क्रासिग संख्या जीरो-बी पर ओवरब्रिज निर्माण की जमीनी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। निगम के अभियंताओं ने बताया कि यह ओवरब्रिज जनपद में बने सभी ओवरब्रिज से बेहतरीन होगा, इसलिए क्योंकि यह टू-लेन का नहीं बल्कि फोरलेन का होगा। दो ब्रिज दो-दो लेन के बनाए जाएंगे। एक टू लेन का ओवरब्रिज रेलवे लाइन को क्रास करते हुए रोडवेज से ढेकुलियाघाट पुल तक बनेगा, जबकि दूसरा रोडवेज और सदर चौक को जोड़ेगा। इस तरह से बालनिकेतन रेलवे क्रासिग बार-बार बंद होने के शहर के सबसे बड़े मर्ज का इलाज ढूंढते हुए फोर लेन ओवरब्रिज निर्माण की मंजूरी मिली है। मंगलवार को ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रस्तावित नक्शे के अनुसार उत्तर प्रदेश सेतु निगम के महाप्रबंधक सुनील कुमार ने स्वयं नक्शे का तकनीकी ²ष्टिकोण से सीमांकन किया और निर्माण लागत के आगणन का कार्य शीघ्र पूरा कर लेने की बात कही।
जिले के सहरोज गांव निवासी एवं राष्ट्रीय लोकदल के नेता देवप्रकाश राय ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने अनाधिकृत लोगों के 296 अतिक्रतमण चिह्नित करते हुए ओवरब्रिज का नक्शा प्रस्तावित कर उसकी मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया। काफी दिनों तक इसकी मंजूरी न मिलने के बाद जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी ने जब ओवरब्रिज निर्माण बेहद आवश्यक होने की बात कहते हुए दोबारा रिमाइंडर भेजा तो शासन ने उनकी बात को गंभीरता से लिया। बीते अप्रैल माह में लॉकडाउन के दौरान ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ जिले के हित में बड़ा फैसला लेते हुए ओवरब्रिज निर्माण के लिए अपनी स्वीकृति दे दिया। स्वीकृति मिलते ही उत्तर प्रदेश सेतु निगम ओवरब्रिज निर्माण की जमीनी तैयारियों में जुट गया। सभी विभाग जुटे आगणन में
बालनिकेतन रेलवे क्रासिग पर दो लेन के दो पुल बनेंगे। एक पुल सदर बाजार में लेकर जाएगा। यानि शहर के लोग उसी पुल से आ और जा सकेंगे। जबकि ढेकुलियाघाट की तरफ से आने वाले लोग दूसरे पुल से होते हुए रोडवेज की तरफ आ और जा सकेंगे। जिले में इस तरह का ओवरब्रिज फिलहाल कहीं नहीं है।
ओवरब्रिज निर्माण के आगणन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। दो लेन के दो ओवरब्रिज बनेंगा। एक रोडवेज से ढेकुलियाघाट को जोड़ेगा, दूसरा रोडवेज से सदर-चौक की तरफ जुड़ेगा। आगणन तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा, जिसकी स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।- सुनील कुमार, जीएम, उत्तर प्रदेश सेतु निगम।

