घोसी --सामाजिक एवं आर्थिक गैर बराबरी समाप्त किये बगैर समतामूलक समाज का निर्माण सम्भव नही -डॉ. रामविलास भारती

सामाजिक एवं आर्थिक गैर बराबरी समाप्त किये बगैर समतामूलक समाज का निर्माण सम्भव नही -डॉ. रामविलास भारती                                           
 मऊ --घोसी तहसील एवं ब्लाक घोसी अंतर्गत माछिल जमीन माछिल गांव में लॉक डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डॉ. रामविलास भारती ने परिनीबुत्त माता जगपुरनी देवी की अष्टम परिनिर्वाण दिवस (28 मई 2012) की स्मृति में जगपुरनी देवी स्मृति व्याख्यानमाला एवं बहुजन प्रेरणा सम्मान समारोह तथा कोरोना वायरस (कोविड 19) से बचाव हेतु जनजागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे। कोरोना वायरस (कोविड19 ) के बाद भारत के समक्ष सामाजिक तथा आर्थिक चुनौतियां एवं तकनीक विषयगत चर्चा में डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि देश सर्वोपरि है हमें महापुरुषों का सम्मान करते हुए तथागत बुद्ध के सम्यक आजीविका के सिद्धांत एवं बाबा साहेब डॉ. आम्बेडकर के सामाजिक चिंतन के आधार पर समृद्ध भारत का निर्माण सम्भव है।
        इस अवसर पर उपस्थित सभी लोंगो को मास्क वितरित किया गया तथा सेनेटाइजर का प्रयोग व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आयोजकों में संरक्षक बरखू , श्रवणकुमार, शिवकुमार भारती व डॉ. रामविलास भारती द्वारा जोकहरा निवासी शिवबचन एवं इब्राहिमाबाद निवासी बालकृष्ण गौतम को "जगपुरनी देवी बहुजन प्रेरणा सम्मान" भदन्त महाकश्यप महाथेरो, भदन्त प्रज्ञशील, आनन्द स्वरूप, आर.के.यादव, रामअवध राव, डॉ. रामसुख यादव, एडवोकेट प्रेमचंद कौशल, सुग्रीव प्रसाद, प्रज्ञा ज्योति की उपस्थिति में दिया गया। तथा सभी विधवाओं, वृद्धों व दिव्यांगों को कोरोना वायरस के दृष्टिगत अंग-वस्त्र, साबुन, मास्क आदि देकर सम्मानित किया गया।
      व्याख्यानमाला में भदन्त महाकश्यप ने कहा कि करुणा, प्रज्ञा व शील किसी भी मानवीय समाज का मुख्य आधार है। यदि इसका पालन किया जाय तो विश्व को सुखमय बना सकते हैं। आर.के.यादव ने कहा कि देश मे सामाजिक एवं आर्थिक गैर बराबरी समाप्त कर ही समता मूलक समाज का निर्माण कर सकते हैं। एडवोकेट प्रेमचन्द कौशल ने कहा कि तकनीकी ने एक तरफ विकास में तेजी किया है तो दूसरी तरफ सामाजिक असमानता व गरीबी की खाई और मजबूत किया है। इस व्याख्यानमाला को आनन्द स्वरुप, रामअवध राव, डॉ. रामसुख यादव, पी.डी. टण्डन, सुग्रीव प्रसाद, प्रज्ञा ज्योति (अनिल चन्द्रा) आदि ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन रामसेवक ने किया।
          इस अवसर पर बरखू, शिवकुमार भारती, मुसाफिर, प्रशान्त भारती, विनय कुमार, अजय कुमार, शशांक भारती, निशांत भारती, कुलदीप, सुदामा, अशोक कुमार, सरोज, पृथ्वी राज, दुक्खी प्रसाद, सुनील कुमार, विद्या सागर, रामभवन प्रसाद, लालदेव, सन्तोष, नितेश, निशांत भारती, मीना, नूतन, सिवा, हर्षिता, गुलायची, अर्चना आदि सोशल डिस्टेंसिंग के आधार पर उपस्थित रहीं।