देश हित सबसे पहले, भारतीयता ही हमारी पहचान


   भारतीय कलैण्डर बुद्धाब्द 2565 आम्बेडकर सन 129 के अनुसार पहली आम्बेडकर माह को बाबा साहेब डॉ. आम्बेडकर के जन्मदिन दिवस व नववर्ष पर घोसी तहसील अन्तर्गत आने वाला ग्राम माछिल जमीन माछिल की तस्वीर देखते ही बनी। लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए इस गांव के लोग अपने अपने घरों में ही सादगी ढंग से त्रिशरण पंचशील के साथ दीपोत्सव मनाया। लोंगो ने बाबा साहेब डॉ. आम्बेडकर की प्रतिमा पर व अपने अपने घरों पर मोमबत्तियां जलाकर इनके जन्मदिन को आपसी सौहार्द व देश हित को समर्पित किया।
           इसी गांव के निवासी डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि आज हम राष्ट्रीय विपदा से गुजर रहे हैं ऐसे में हम सबके आदर्श भारतरत्न बाबा साहेब डॉ. आम्बेडकर व तथागत बुद्ध समेत समतामूलक समाज के निर्माण हेतु प्रयत्नशील महापुरुष हैं किन्तु देश सर्वोपरि है, और भारतीयता हमारी पहचान है, जिसके कारण लोकहित हमारी प्राथमिकता है। बाबा साहेब डॉ .आम्बेडकर कहा करते थे कि जब कोई यह कहता है पहले हैं भारतीय हैं, उसके बाद हिन्दू, मुश्लिम, सिक्ख, ईसाई तो मुझे बहुत कष्ट होता है मैं चाहता हूँ कि प्रथम भारतीय, मध्य में भारतीय व अंततक सिर्फ व सिर्फ भारतीय बने रहें।। डॉ. आम्बेडकर सम्पूर्ण मानव समाज का हित चाहते थे इसलिए देश हित तथा मानवतावादी संस्कृति का पालन करते हुए कोरोना वायरस से उत्पन्न मानव संकट के कारण हम सभी इसे अत्त दीपों भव के रूप में स्वंय सुरक्षित रहकर दूसरो को सुरक्षित रखने व डॉ. आम्बेडकर के प्रति एक सम्मान है।
        इस अवसर पर लॉक डाउन व सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए नितेश कुमार, हरिराम, देवेन्द्र कुमार, तेज प्रताप, रामानन्द, रामबदन, शिवकुमार भारती, संदीप, नागेंद्र, अनीश, छोटू, संजीत आदि अपने-अपने घरों में मोमबत्तियां जलाकर डॉ आंबेडकर व नववर्ष को सादगी रूप में मनाया।