नगरीय क्षेत्र के मुख्य मार्गो को अतिक्रमण से मुक्त कराएं सभी अधिशासी अधिकारी-:- जिला अधिकारी
सत्यापन कार्य में लापरवाही करने वाले लेखपालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी।
जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय स्थित सभागार में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के अधीन संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 एवं प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स (पीएम स्वनिधि) योजना की निकायवार एवं बैंकवार प्रगति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलों एवं निकायों में प्राप्त आवेदनों तथा उनके सत्यापन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। परियोजना निदेशक डूडा श्री अरविंद पांडे ने बताया कि जांच हेतु कुल 46,886 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10,890 आवेदन तहसील स्तर तथा 14,431 आवेदन निकाय स्तर पर सत्यापन हेतु लंबित हैं। इस प्रकार कुल 25,321 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित पाए गए।
समीक्षा के दौरान तहसील एवं निकाय स्तर के आंकड़ों में अंतर (मिसमैच) पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को निकायों से प्राप्त सभी आवेदनों का पुनः परीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुल प्राप्त आवेदनों, सत्यापित आवेदनों एवं लंबित मामलों का मिलान कर तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही लेखपालों द्वारा किए जा रहे सत्यापन कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने तथा अधिशासी अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी आंकड़ों का मिलान कराने के निर्देश दिए।
समीक्षा में मोहम्मदाबाद गोहना एवं मऊ सदर तहसीलों के अंतर्गत नगर निकायों में सत्यापन कार्य लंबित पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि केवल पात्र व्यक्तियों को ही योजना का लाभ दिया जाए तथा अपात्र व्यक्तियों को किसी भी दशा में लाभान्वित न किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्रता की जांच निर्धारित मानकों के अनुरूप शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ की जाए तथा सभी आंकड़े तर्कसंगत एवं प्रमाणिक हों।
जियो टैगिंग की समीक्षा में बताया गया कि कुल 5,180 आवासों की जियो टैगिंग के सापेक्ष 1,005 आवासों की जियो टैगिंग अभी शेष है। जिलाधिकारी ने खराब प्रगति वाले लेखपालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा एक सप्ताह के भीतर समस्त लंबित जियो टैगिंग पूर्ण कराने को कहा। लेखपालवार समीक्षा के दौरान उप जिलाधिकारी सदर को डाटा का मिलान कर संबंधित लेखपालों को अंतिम चेतावनी जारी करने तथा 10 दिनों में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिन लाभार्थियों ने प्रथम किस्त प्राप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया है, उन्हें चिन्हित कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
प्री-वेरिफिकेशन जियो टैगिंग की समीक्षा में 2,088 के सापेक्ष मात्र 411 प्रकरणों में कार्य पूर्ण पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा समस्त लेखपालों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स (पीएम स्वनिधि) योजना की समीक्षा के दौरान परियोजना निदेशक ने बताया कि प्रथम ऋण के लिए निर्धारित 19,275 के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 15,347 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 14,545 ऋण स्वीकृत तथा 14,361 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है। लक्ष्य के अनुरूप आवेदन प्राप्त न होने पर जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों को स्ट्रीट वेंडरों से संपर्क कर अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों के आवेदन कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैंकवार लंबित ऋण वितरण की समीक्षा में बैंक अधिकारियों द्वारा लाभार्थियों के बैंक न पहुंचने की बात कही गई। इस पर जिलाधिकारी ने समस्त अधिशासी अधिकारियों एवं परियोजना निदेशक डूडा को लाभार्थियों की बैंक तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो लाभार्थी ऋण लेने नहीं आ रहे हैं, उनके संबंध में बैंक लिखित सूचना उपलब्ध कराएं तथा एक निर्धारित तिथि तय कर ऐसे सभी पात्र लाभार्थियों को बैंक ले जाकर ऋण वितरण की प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए।
जिलाधिकारी ने बैंकर्स को प्रतिदिन पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा करने तथा 15 अगस्त तक सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि केंद्र सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है और पात्र स्ट्रीट वेंडरों को इसका लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों की जिम्मेदारी है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी श्री प्रवेंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी श्री विवेक कुमार श्रीवास्तव, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी, योजना के सत्यापन से जुड़े लेखपाल, परियोजना निदेशक डूडा श्री अरविंद पांडे तथा सभी संबंधित बैंकर्स उपस्थित रहे।
