अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान संस्कृति विभाग लखनऊ में "समर्थ नारी समर्थ भारत" के राष्ट्रीय स्थापना दिवस के अवसर पर श्रीमती विनीता पांडेय जी को विधान परिषद सदस्य अवनीश सिंह पटेल जी, डायरेक्टर हलवासिया फाउंडेशन श्री सुधीर हलवासिया जी, एवं समर्थ नारी समर्थ भारत संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती नीरा सिन्हा "वर्षा" जी के द्वारा "समर्थ नारी सम्मान" से सम्मानित किया गया साथ ही उनके कार्य एवं व्यवहार को देखते हुए संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्वांचल प्रभारी भी बनाया गया बताते चले की एक सप्ताह के अंदर यह तीसरा बड़ा सम्मान विनीता पांडेय जी को प्राप्त हुआ समाज में उत्कृष्ट कार्य तथा कार्य के बदौलत अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए रोटरी क्लब मऊ ने "वोकेशनल सर्विस लीडरशिप अवार्ड 2026" से सम्मानित किया इसके पहले विनीता पांडेय जी को "इंटरनेशनल वुमन एंपावरमेंट अवार्ड 2026"से चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ में नवाजा गया l एक सप्ताह के अंदर तीन-तीन बड़े पुरस्कार से सम्मानित होने पर परिवार में खुशी का माहौल है मऊ जनपद के अलग-अलग संगठन की महिलाएं भी इनको सम्मानित करके अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं इनके इस उपलब्धि के लिए डॉक्टर रुचिका मिश्रा, कृष्णा खंडेलवाल, मीना अग्रवाल, नमीता अग्रवाल, श्रद्धा खंडेलवाल,मधुलिका बरनवाल, ममता जायसवाल रितु अग्रवाल राधा जायसवाल किरण बरनवाल सुधा त्रिपाठी आदि महिलाओं ने बधाइयां भेजी है l
श्रीमती विनीता पाण्डेय जी सभी महिलाओं को धन्यवाद देते हुए कहा है कि उठो जागो और दौड़ो तुम वो हर मुकाम हासिल कर सकती हो जो तुम चाहती हो अपने हर सपने को पूरा कर सकती हो जो तुम अपने आंखों से देखती हो क्योंकि तुम सृष्टि की सृजनकर्ता हो शक्ति स्वरूपा हो अबला नहीं हो तुम नारी इस बात का अभिमान करते हुए मर्यादा में रहते हुए परिवार को संजोते हुए समाज में निकल कर अपनी एक अलग पहचान बना सकती हो हम महिलाओं को आगे बढ़ाने में हमारे पुरुष समाज का भी अहम रोल होता है महिलाएं आगे बढ़ रही हैं तो उनके पीछे उनके पति का ससुर जी का पिता का भाई का उच्च अधिकारियों का सहकर्मियों का और सबसे बड़ी बात मीडिया सहकर्मियों का भी उतना ही योगदान रहता है हम कहीं ना कहीं उनके सहयोग से ही आगे बढ़ते हैं इनके साथ के बिना मार्ग आसान नहीं है हम उन्हें दरकिनार नहीं कर सकते उनके बैक सपोर्ट को भूला नहीं सकते अंत में उनका कहना है कि
" नारी तुम जगत जननी,तुम ममतामयी दानी हो,
स्वाष दिया अपने उर से, तुम बाल उपवन की माली हो,
इतिहास पटा तेरी महिमा से,तुम अद्भुत गौरवशाली हो,
वाग्देवी देवी महिषासुर मर्दिनी ,तुम आदिशक्ति अभिमानी हो,
आदिकाल से वर्तमान तक ,विजयी परचम की अधिकारी हो ,
धन्य धरा हुई तुम्हें अवतरित कर ,तुम दुख सुख की सहभागी हो ll
