मऊ पुलिस की अनूठी पहल: 'कर्मचारी' से 'कर्मयोगी' बनने की ओर बढ़ते कदम



मऊ। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुक्रम में एवं जनपद के नवागत पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश बहादुर IPS के  कुशल मार्गदर्शन में, पुलिस विभाग को तकनीकी रूप से सशक्त और संवेदनशील बनाने के लिए i-GOT (Integrated Government Online Training) मंच के माध्यम से 'साधना सप्ताह' का भव्य शुभारंभ किया गया है।

मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम: पुलिस लाइन मऊ
आज पुलिस लाइन मऊ में जनपद के समस्त थानों से आए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) दक्ष बनाना है, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना आधुनिक तकनीक के साथ किया जा सके।

विशेष अभियान एवं प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
कर्मचारी से कर्मयोगी: प्रशिक्षण का मूल मंत्र पुलिसकर्मियों में सेवा भाव को जागृत कर उन्हें एक अनुशासित 'कर्मचारी' से समर्पित 'कर्मयोगी' के रूप में परिवर्तित करना है।

उत्कृष्ट पुलिसिंग: जनमानस की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण हेतु पुलिसिंग की गुणवत्ता को और अधिक उत्कृष्ट बनाने पर बल दिया गया।

AI दक्षता: बदलती तकनीक के दौर में अपराध नियंत्रण और डेटा प्रबंधन के लिए AI कोर्स के माध्यम से पुलिसकर्मियों को हाई-टेक बनाया जा रहा है।

थाना स्तर पर क्रियान्वयन: यह अभियान केवल पुलिस लाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनपद के सभी थानों पर विशेष अभियान चलाकर प्रत्येक कर्मचारी को इस प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।

8 अप्रैल तक जारी रहेगा अभियान
नवागत पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी 8 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा। इस अभियान के माध्यम से मऊ पुलिस न केवल स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में कदम बढ़ा रही है, बल्कि शासन की मंशा के अनुरूप एक पारदर्शी और तकनीक-मित्र पुलिस व्यवस्था स्थापित करने के लिए संकल्पबद्ध है।

Uploaded Image