मऊ। स्थायी लोक अदालत की पीठ ने बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया जिसमे एक गरीब बच्चे का एडमिशन लेने हेतु एक बड़े निजी विद्यालय को निर्देशित किया।
प्रस्तुत मामले में रामू चौहान निवासी अदरी देहात ने अपने बच्चें के एडमिशन हेतु बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत आवेदन किया था। जिसमे श्री चौहान के बच्चे का चयन हुवा और सनबीम स्कूल में एडमिशन होना तय हुवा। डॉक्युमेंट सत्यापन के नाम पर विद्यालय वादी को दौड़ाता रहा और समय बीत जाने के बाद रामू चौहान से यह कहा गया कि सीट फूल हो जाने के कारण आपके बच्चे को प्रवेश नही मिल सकता है। इस बात से दुखी होकर रामू चौहान ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से स्थायी लोक अदालत की पीठ में वाद दायर किया जिसे अध्यक्ष हीरालाल एवं पीठ के सदस्य विकास भाई निकुम्भ ने गम्भीरता से लेते हुए सभी पक्षकारों को तलब कर मध्यस्थता कराया जिसमे बच्चे को प्रवेश देने पर सहमती बनी।
कोर्ट ने कहा कि देश मे सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा पाने का अधिकार है और किसी को उसके अधिकारी से उसे बंचित नही किया जा सकता। बच्चे को सनबीम स्कूल कक्षा-3 में एडमिशन देगा तथा बच्चे के साथ कोई भेदभाव नही करेगा। न्यायालय में इस दौरान खण्ड शिक्षा अधिकारी कोपागंज मुकेश कुमार एडीजीसी अमित कुमार सिंह, अधिवक्ता मधुसूदन त्रिपाठी, रामानन्द चौहान, विद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में ज्वाला प्रसाद श्रीवास्तव उपस्थित रहें।
