मऊनाथ भंजन --पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल के हाथों आज उनके कक्ष में दो मृतक आश्रितों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। उन मृतक आश्रितों के संरक्षक जिन पर वह आश्रित थे वह नगर पालिका परिषद को अपनी सेवायें देते हुये इस दुनिया से चल बसे थे। जिसके सबब उनका पूरा पविार काफी कठिनाइयों से गुजर रहा था।
इस क्रम में आज अध्यक्ष नगरपालिका अरशद जमाल द्वारा नगर पालिका परिषद कार्यालय, मऊनाथ भंजन, मऊ में श्री सरफराज अहमद पुत्र नसरुल्लाह निवासी पठान टोला, जनपद-मऊ की नियुक्ति मृतक आश्रित के रूप में उनकी माता श्रीमती हसीना जो सफाई कर्मचारी थीं की मृत्यु के उपरान्त शासनादेश सं0-6729/नौ-4-92 लखनऊ दिनांक 05 नवम्बर, 1992 के अनुसार सफाई कर्मचारी के रिक्त पद पर वेतनमान 5200-20200 पे-बैण्ड 1800 पर एक वर्ष के परिवीक्षण काल पर की गयी है। कार्य संतोषजनक होने पर उनको नौकरी परमानेंट कर दी जाएगी।
इसी प्रकार श्रीमती रेशमा परवीन पत्नी स्व0 अजहरूद्दीन निवासिनी पुराबाज औरंगाबाद, जनपद-मऊ की नियुक्ति भी उनके पति श्री अजहरूद्दीन चपरासी नगर पालिका परिषद, मऊ की मृत्यु के पश्चात् उनके स्थान पर मृतक आश्रित के रूप में उपरोक्कानुसार की गयी है।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल ने कहा कि व्यक्ति के आस्मिक निधन का कोई बदल नहीं हो सकता परन्तु जीविकोपार्जन हेतु मृतक आश्रित व्यवस्था उन परिवार नजों के लिये बड़ा सहारा है जिन्हों अपने संरक्षकों एवं अभिभावकों को खोया हो। मुझे खुशी है के इस कार्यकाल में मेरे हाथों 12 से अधिक मृतक आश्रितों को नौकरी दी गई है, और 20 से अधिक जलनिगम के कर्मचारियों को समायोजित किया गया है। 200 से अधिक लोगों को टीका कर्मी के रूप में ठीकेदारों द्वारा नियुक्ति की गई है। पालिकाध्यक ने बताया के किसी गरीब परिवार को रोजगार देकर जो सकून मिलता है उसका कोई जवाब नहीं होता।
पालिका परिवार सदैव उनकी पीड़ा को अपने हृदय में महसूस करता है। उनहोंने बताया कि सरकार द्वारा दी गयी मृतक आश्रित वयवस्था के अनुसार नौकरी के दौरान मरने वाले कर्मचारियों के परिवाजनों में से किसी एक को उसके स्थान पर नौकरी दी जाती है। इस व्यवस्था के चलते मरने वाले का पविार जीविकोपार्जन की कठोर समस्या से बच जाता है और उसका भविष्य सुरक्षित रहता है।
उक्त दोनों नवनियुक्त मृतक आश्रितों को उनके द्वारा उपलब्ध कराये गये शपथ-पत्र के अधीन नियमानुसार समय-समय पर जारी शासनादेशों/नियमों/निर्देशों के अनुसार मंहगाई भत्ता देय होगा।
