जिला उप संचालक चकबंदी अधिकारी/ (सीआरओ) दिनेश मिश्रा ने बताया कि विगत दो वर्ष के दौरान चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत तहसील-मधुबन के ग्राम-नुरूल्लाहपुर एवं तहसील-मुहम्मदाबाद गोहना के ग्राम-अल्देमऊ जो कि लगभग 33 वर्ष से अधिक समय से चकबन्दी के अन्तर्गत लम्बित थे, तहसील-मुहम्मदाबाद गोहना का ग्राम-सियाबस्ती जो कि लगभग 24 वर्ष से अधिक समय से चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत लम्बित थे एवं तहसील सदर के ग्राम-गजेन्दरपुर जो कि लगभग 30 वर्ष से चकबन्दी प्रक्रिया के अन्दर लम्बित थे। उक्त ग्रामों में चकबन्दी प्रक्रिया पूर्ण कराकर अन्तिम अभिलेख व भूचित्र तैयार कराते हुए उ.प्र. जोत चकबन्दी अधिनियम, 1953 की धारा 52 (1) के अन्तर्गत प्रख्यापन कराया गया है। उक्त अवधि में ग्राम-सरौंदा, पहाड़पुर, खरका, बस्ती, नसीराबाद खुर्द, पकड़ीकोल एवं रकौली में धारा-23 के प्रख्यापन के उपरान्त प्रस्तावित चकों / जोतों को चक सीमांकन करते हुए सफलतापूर्वक कब्जा परिवर्तन का कार्य निष्पादित कराया गया है।
कहा कि माह सितम्बर, 2023 में सदर तहसील के 10 ग्राम द्वितीय चक्र की चकबन्दी के अन्तर्गत प्रख्यापित हुए हैं। जिनमें से ग्राम पहाड़पुर एवं खरका में एक वर्ष के अन्दर चकबन्दी प्रक्रिया पूर्ण कराकर अन्तिम अभिलेख व भूचित्र तैयार कराते हुए धारा 52 (1) के अन्तर्गत प्रख्यापन कराया गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम-पकड़ीकोल, बस्ती, नसीराबाद खुर्द एवं पाहदुल्लम में धारा-23 का प्रकाशन पूर्ण कराया गया। जिसमें से ग्राम पकड़ीकोल, बस्ती, एवं नसीराबाद खुर्द में चक सीमांकन तथा कब्जा परिवर्तन कराते हुए धारा-24 का प्रकाशन भी पूर्ण किया गया। तद्रुपरान्त ग्राम-पकड़ीकोल एवं बस्ती में चकबन्दी प्रक्रिया पूर्ण लिया गया है वही ग्राम-नसीराबाद खुर्द के अन्तिम अभिलेख व भूचित्र निर्मित किये जा रहे हैं। अतिशीघ्र धारा 52 (1) का प्रस्ताव चकबन्दी निदेशालय प्रेषित कर दिया जायेगा। ग्राम विलौवां, विभौली, बिलासपुर एवं सेहबरपुर में चकबन्दी प्रक्रिया द्रुत गति से गतिमान है। उक्त ग्रामों में धारा-23 का प्रकाशन कराकर आगामी सत्र अर्थात माह मई व जून, 2026 में खेत खाली होने पर चक सीमांकन / कब्जा परिवर्तन का कार्य पूर्ण कराकर अन्तिम अभिलेख व भूचित्र निर्मित करके धारा-52 (1) का प्रस्ताव भेजने का लक्ष्य निर्धारित करके कार्य किया जा रहा है। यहाँ यह तथ्य उल्लेखनीय है कि ग्राम पाहदुल्लम एवं सेहबरपुर में प्रारम्भिक स्तर पर कृषकगणों द्वारा चकबन्दी प्रक्रिया का विरोध किया गया। जिसके बाबत मुख्य राजस्व अधिकारी / उप संचालक चकबन्दी द्वारा ग्राम में कई बार बैठक करके उत्पन्न गतिरोध को दूर करते हुए कार्य प्रारम्भ कराया। इस प्रकार शासन की मंशा के अनुरूप चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत सन् 2023 में प्रख्यापन के उपरान्त 04 ग्रामों में चकबन्दी का कार्य 02 वर्ष से कम की अवधि में पूर्ण किया गया है। इसके अतिरिक्त सन् 1975 में चकबन्दी प्रक्रिया के अन्तर्गत प्रख्यापित ग्राम-दुबारी तथा सन् 1982 में प्रख्यापित ग्राम पीपरसाथ में अन्तिम अभिलेख व भूचित्र तैयारी का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। जिला उपसंचालक दिनेश मिश्रा ने बताया कि

सभी कार्य शासन के मंशा के अनुरूप पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए पूर्ण किया गया है।
सभी कार्य शासन के मंशा के अनुरूप पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए पूर्ण किया गया है।
