क्षुब्द ह्रदय हैं,बंद जुबान


कोलकाता बलात्कार काण्ड के  प्रतिरोध में संविधान सभा के सदस्य अलगू राय शास्त्री की प्रतिमा रोडवेज से कलेक्ट्रेट मऊ तक  प्रतिरोध मार्च,*मऊ नागरिक मंच* *,सभ्य भारत मिशन* के बैनर तले निकाला गया, कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति ने कहा कि देश में   महिलाओं के प्रति हिंसा और बलात्कार की बाढ़ आ गई है, कानून व्यवस्था मृत प्राय: है, कोलकाता में आर जी मेडिकल कॉलेज मानव अंगों की तस्करी का अड्डा रहा है, दुष्कर्म की शिकार मेडिकल छात्रा बिसिलब्लोउर बन गई थी,मानव अंगों की तस्करी कोई मोची दर्जी नहीं कर सकता हमारी मांग है कि डाक्टरों की संस्थाये खुद ही इस पर रोक लगाये, निजी अस्पतालों की मनमानी पर रोक हेतु रेग्यूलेटरी अथारिटी बनाई जाए,                       

वहीं मार्च के संयोजक राजेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमें सभ्य मानव होने पर सवालिया निशान लगाती है? हमारी न्याय व्यवस्था भी पंगु हो चुकी है।देश के नागरिकों को जागना पड़ेगा एक सभ्य समाज के लिए ताकि हमारी औलादें सुरक्षित हो सके, मार्च में गुडुडू राम, अल्तमश अंसारी,हारिस शेख, रणजीत मल्ल,बिष्णु राजभर,आसिफ मिर्जा, वीरेंद्र कुमार,बसंत कुमार,शिवमूरत गुप्त,शकील अहमद, विद्यासागर मौर्य,अमरेश सिंह एडवोकेट,नान्हू चौहान, अरविंद मूर्ति, राजेन्द्र अग्रवाल सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
 हम मऊ के नागरिकगण ऐसे  कुकृत्यों का प्रतिवाद करते है,और  कड़ी सजा की मांग करते हुए जनता ने आप के सम्मुख निम्नलिखित मांग प्रस्तुत की...
1-देश में अश्लीलता और नशाबंदी पर पूर्ण रोक लगाई जाए।
2- कोलकाता की घटना में इस अस्पताल में मानव अंगों की तस्करी के रैकेट के सक्रिय होने का अंदेशा है।देश में सरकारी/निजी अस्पतालों में मानव अंगों की तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
3- निजी अस्पतालों की मनमानी(फीस, जांच व अन्य)पर रोक हेतु संवैधानिक रेग्युलेटरी अथारिटी गठित की जाए।
4-भष्टाचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने हेतु विधायक,सांसद, प्रधानमंत्री,मंत्री व सम्पूर्ण नौकरशाही को लोकपाल के दायरे में लाये। व सेवाओं के समयबद्धता हेतु जबाबदेही हेतु कठोर दण्डनात्मक कानून बनाये।

5- न्याय हेतु मुकदमों के निस्तारण की समय सीमा तय हो और उसके अनुरूप अदालतों की कार्यप्रणाली निर्धारित हो।

6- सभी के लिए समान शिक्षा व चिकित्सा व्यवस्था लागू की जाए।

7- काम को मौलिक अधिकार बनाया जाए व सभी स्वस्थ लोगों से अनिवार्य रूप से काम लिया जाए