डीएवी इंटर कॉलेज मऊ मे 27राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तत्वावधान में जनपद स्तरीय परियोजना प्रस्तुतीकरण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था।



डीएवी इंटर कॉलेज मऊ मे 27राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के तत्वावधान में जनपद स्तरीय परियोजना प्रस्तुतीकरण का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। जिसमें मुख्य विषय स्वच्छ हरित एवं स्वस्थ राष्ट्रीय विज्ञान तकनीक एवं नवाचार विषय पर बाल वैज्ञानिकों बाल वैज्ञानिकों ने अपना प्रोजेक्ट तैयार किया था ।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ आर एम मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों  से बच्चों में वैज्ञानिक प्रतिभा का विकास होता है आधुनिक तकनीक के जरिए ही मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा सकेगा, युवा वैज्ञानिकों को यह एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहां वह अपने शोध कार्य को प्रदर्शित करके अपने वैज्ञानिक  प्यास को तृप्त कर पाते हैं ।बाल वैज्ञानिक अपने आसपास की स्थानीय समस्याओं को जाने समझे तथा वैज्ञानिक विधि से समस्याओं को हल करने की दिशा में सीखने का प्रयास करें देश के भविष्य निर्माण में वैज्ञानिक ज्ञान के महत्वपूर्ण भूमिका को समझाते हुए संवेदनशील एवं जवाब दे नागरिक बनाने की दिशा में आगे बढ़े। युवा वैज्ञानिकों को चेतना का निर्माण करना, विज्ञान विधि को समझना,  आंकड़ों का संग्रह करके प्रायोगिक विश्लेषण  द्वारा निष्कर्ष पाने की प्रक्रिया आत्मसात कर पाते हैं । आज के कार्यक्रम के आयोजक एवं अध्यक्ष देवभास्कर तिवारी ने बताया कि छात्रों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना चाहिए जिससें बालपन से वैज्ञानिक चेतना से अभिभूत होकर के भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार कर सकते हैं ।स्वास्थ्य स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है कचरे से संबंधित बताया कि इन अपशिष्ट पदार्थों से हम उपयोगी वस्तुओं को तैयार कर सकते हैं वर्तमान समय में पराली की जो समस्या है इससे पूरा वातावरण प्रदूषित हो रहा है जो समाज संस्कृति एवं आजीविका को प्रभावित कर सकता है स्वतंत्र भारत के 71 वर्षों की उपलब्धि  है कि वैश्विक मंच पर हम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक उन्नयन के दौर में आगे बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में यह धारणा बनी है कि हमारी आर्थिक सफलता पर्यावरणीय सवालों को हल किए बिना नहीं पाई जा सकती राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जिला समन्वयक एवं रीजनल  कोऑर्डिनेटर ऋषिकेश पांडेय ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी में प्रारंभिक ज्ञान प्रणाली का उपयोग करके छात्रों ने अपनी प्रतिभा दिखाई है, जिससे छात्रों में खोजी प्रवृत्ति को बल मिलता है,
इस कार्यक्रम की खास विशेषता यही कि छात्रों ने अपने अपने प्रोजेक्ट को समझाने के लिए सही क्रियाविधि का चयन भी किया है। देश की बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए सतत विकास के लक्ष्यों को चुनौती समझ कर के देश की आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम प्राकृतिक संपदा एवं जैव विविधता कोअक्षुण्ण    बनाए रखें ।भारत में अंतरराष्ट्रीय सतत विकास के लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन 2014 में शुरू किया गया था, प्रधानमंत्री जी की योजनाएं स्वच्छता संबंधित कार्यक्रम पूरे देश में चलाए जाते हैं इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस की सोच है आज विश्व में प्राकृतिक संपदा का संवर्धन, प्रबंधन, मानव स्वास्थ्य रखरखाव के लिए स्वच्छता का सवाल वैश्विक राष्ट्रीय क्षेत्र एवं स्थानीय समस्याएं बन गई हैं हमारे देश के पांरितंत्र ,अर्थव्यवस्था तथा सामाजिक स्वास्थ्य पर स्वच्छ एवं हरित तकनीक एवं गतिविधियों का बहुत बड़ा महत्वपूर्ण प्रभाव है आज के जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 240 बच्चों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था जिसमें सभी लोगों ने प्रतिभाग किया जूनियर संवर्ग से दो बच्चे और सीनियर संवर्ग से 2 बच्चे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए चयनित किए गए। निर्णायक मंडल के सदस्यों में श्री त्रिभुवन सिंह जी पूर्व प्रधानाचार्य, शर्मिष्ठा गुप्ता, डॉक्टर भूपेंद्र वीर सिंह दीनदयाल राय देवानंद बृजेश कुमार राय शरद कुमार पांडेय ने अंकों के आधार पर  निर्णय किया सीनियर संवर्ग में कुमारी शेफाली पांडेय अमृत पब्लिक स्कूल मऊ को प्रथम स्थान एवं कुमारी दामिनी वर्मा सोनी धापा बालिका इंटर कॉलेज मऊ को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ जूनियर संवर्ग में छवि भारद्वाज देव पब्लिक सहादतपुरा और अनूप उच्चतर माध्यमिक विद्यालय  ढठवल के छात्रों ने अपने अपना परचम लहराया। नगर पालिका के अध्यक्ष मोहम्मद तय्यब पालकी ने   चयनित बाल वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया और उनके मंगलमय भविष्य की कामना की  उन्होंने बताया कि  डीएवी इंटर कॉलेज में जो भी कार्यक्रम कराए जाते हैं वह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध होते हैं  उन्होंने अपने याद को भी   ताजा किया और बताया कि कभी मैं भी इस विद्यालय का पुरातन छात्र था।इस अवसर पर  मार्गदर्शक शिक्षकों में श्रीमती ऋचा त्रिपाठी प्रवीन कुमार श्रीवास्तव ,सावित्री, शांति, अंजू यादव राजीव कुमार मौर्य, विनीत कुमार श्रीवास्तव अपने बाल वैज्ञानिकों को लेकर के प्रतियोगिता में सहभागिता दी थी इस अवसर पर श्री अरविंद कुमार त्रिपाठी विवेक कुमार शुक्ल  सुमित राय  भीष्म यादव  शैलेंद्र कुमार यादव राम अवध उपेंद्र पांडेय अरविंद कुमार  श्रीमती प्रसूनलता सिंह, डाक्टर कंचन लता पांडेय श्रीमती अर्चना गुप्ता तथा विद्यालय के सभी सम्मानित शिक्षकों ने अपनी सहभागिता दी कार्यक्रम का संचालन मनोज कुमार सिंह एवं  ज्ञानेंद्र कुमार मिश्र ने किया